कठिया गेहूं को जी टैग मिलने से कोंच क्षेत्र के किसान हुए प्रसन्न

कोंच.. जालौन 1 अप्रैल। कठिया गेहूं को जी टैग मिल जाने से कौच क्षेत्र के किसान काफी प्रसन्न है। इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में बता रहे हैं। बुंदेलखंड को एक और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है वहीं जाने वाले कठिया गैहू को जी टैग मिला है इसकी खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज का और अच्छा मूल्य मिलेगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि बुंदेलखंड क्षेत्र जिसमें कोच भी आता है पानी की समस्यो से हमेशा जूझता रहता है। कठिया गेहूं यहां के लिए वातावरण के लिए बहुत उपयोगी है। इस गेहूं की सिंचाई के लिए अधिक पानी नहीं लगता। जनपद जालौन में भी इसकी उगाही

होती है कौच क्षेत्र में इसका उगना कम हो गयां था लेकिन अब जी टैग मिलने के कारण किसानों में प्रसन्नता है और भी अधिक मूल्य मिलने के कारण किसान इसकी पैदावार करने के लिए उतावले हैं। यहां यह उल्लेखनीय है इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी होती है दलिया और रवा आदि के लिए इस गेहूं की मांग सबसे अधिक होती है। यहां यह उल्लेखनीय है राष्ट्रीय कृषि ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सहयोग से 30 मार्च 2024 को कठिया गेहूं को जी टैग मिल गया था।जी टैग मिलने से कौच क्षेत्र के किसानों को एकाधिकार मिल जाएगा और उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा। यहां यह भी

उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में और भी अधिक शोध चल रहे हैं और प्रयास जारी हैं। क्षेत्र के किसान राजेंद्र सिंह निरंजन राजू वीरेंद्र चमर सेना सत्येंद्र निरंजन पड़री शीलू किसान नेता जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आनंद पटेल बोहरा आदि ने बताया जी टैग मिलने के कारण अब किसानों में प्रसन्नता है और कठिया गेहूं अधिक बोए जाने की संभावना है नजर आने लगी है। अगले वर्ष कठिया गेहूं की फसल किसान करेंगे और अच्छा गेहूं पैदा होगा। कौच क्षेत्र की मिट्टी गेहूं के अनुकूल है। फिलहाल कठिया गेहूं के टैग मिलने के कारण किसानों में प्रसन्नता व्याप्त है।

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